थिंक एंड विन लाइक धोनी

think and win like dhoni

थिंक एंड विन लाइक धोनी स्फूर्ति सहारे द्वारा संकलित अंग्रजी पुस्तक ‘think and win like Dhoni’ का हिंदी अनुवाद हैI इस पुस्तक में स्फूर्ति सहारे ने धोनी के साथ किए गए एक साक्षात्कार के अनुभव को साझा किया हैI इस पुस्तक के द्वारा पाठकों को यह बताने का प्रयास किया गया है की धोनी कठिन फैसले कैसे करते हैंI

लेखक के बारे में

स्फूर्ति सहारे एक प्रेरक वक्ता हैंI उनकी इस पुस्तक को वर्ष 2016 में अमेज़न द्वारा ‘सबसे लोकप्रिय सेल्फ-हेल्प पुस्तक’ का पुरस्कार मिल चूका हैI इसी पुस्तक के लिए उन्हें राष्ट्रीय नारी शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया हैI

उनका जन्म नागपुर में एक मराठी परिवार में हुआI प्रेरक वक्ता स्फूर्ति एक राष्ट्रीय ख्याति की चेस खिलाडी भी रह चुकी है और उन्होंने महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य का प्रतिनिधित्व भी कई बार किया हैI

कंप्यूटर इंजिनियर स्फूर्ति ने प्रेरक वक्ता बनने का फैसला अपने परिवार के कड़े विरोध के बाद किया जो इसके पुस्तक की सफ़लता और इसकी उपयोगिता को और बढ़ा देती हैI

पुस्तक के बारे में

क्रिकेट मैदान पर और उसके बाहर के अनुभवों पर आधारित इस पुस्तक में धोनी ने कई घटनाओं के का जिक्र किया हैI यह पुस्तक पांच अध्यायों में विभाजित हैI

पहले अध्याय में  धोनी सही दृष्टीकोण की बात करते हैंI धोनी के मुताबिक वह कहानी का सकारात्मक पहलु देखने में विश्वास रखते हैंI आशावादी होना सफल होने की पहली शर्त होती हैI अगर आपकी सोच ही सकारात्मक नहीं है तो लक्ष्य नामुमकिन ही लगेगाI

इसी कड़ी में उन्होंने फॉर्म की व्याख्या की हैI धोनी कहते हैं “ किसी ने फॉर्म  नहीं देखी हैI यह एक मानसिक स्तिथि है जिसमे आप विश्वस्त होते हैं और बहुत की सकारात्मक सोच रखते हैंI”

दुसरे अध्याय में लक्ष्य की बात की गयी हैI धोनी अल्पकालीन लक्ष्य रखना पसंद करते हैं, जो विश्वसनिय एवं साध्य होंI स्फूर्ति, धोनी की लक्ष्य प्राप्ति की रणनीति को समझने के लिए उनसे पूछती हैं की मान लीजिये की आपको किसी 20-20 मैच में 200 रनों का लक्ष्य मिला है तो आपकी रणनीति क्या होगी? 

इसपर धोनी का जवाब वाकई गौर करने योग्य हैI “मेरी सबसे पहली कोशिश एक सरल योजना बनाने की होती हैI 20 ओवर में 200 एक बड़ा जोड़ हैI तो मैं गेंदों और रनों के अनुपात की गणना करता हूँI औसतन, मैंने ये माना है की हमारी टीम किसी मैच में 20 चौके मार सकती हैI इसका अर्थ है 20 गेंदों में 80 रनI फिर बचते हैं 100 गेंदों में 120 रनI यह ज्यादा आसान और साध्य लगता हैI अगर मैं इसे देख सकता हूँ तो इसे प्राप्त भी कर सकता हूँI”

ऊपर दिए गए उदाहरण के बाद आप जरुर समझ पाए होंगे की क्यों धोनी इतने धमाकेदार बल्लेबाज होने के बावजूद भी दौड़ कर दो-तीन रन लेने की मसक्कत करते दिखाई देते हैंI

मैदान पर देखे गए असंख्य उदाहरणों के बाद ये जरुर कहा जा सकता है की उनकी यह रणनीति कारगर साबित हुई हैI शायद लक्ष्य निर्धारण के यही गुण किसी लीडर को निर्धारित करते हैंI

तीसरे अध्याय में प्रक्रिया के अनुसरण की बात की गयी हैI धोनी कहते हैं “मैं मैदान में 100% से ज्यादा देने में विश्वास रखता हूँ और मैं वास्तव में परिणामों के बारे में चिंता नहीं करताI अगर मैंदान में बढ़िया प्रतिबद्धता है, वह मेरे लिए जीत हैI”

चौथे अध्याय में वर्त्तमान में रहने का सन्देश दिया गया हैI “अगर आप वर्त्तमान में रहते हैं, अपने मन को शांत रखते हैं और प्रोसेस पर ध्यान देते हैं, आप दबाब को ज्यादा महसूस नहीं करेंगेI” इस प्रक्रिया को जारी रखने से आप न तो अतीत में फसेंगे, न भविष्य में उलझेंगे और न ही यह सोचेंगे की अंत में क्या होगाI

थिंक एंड विन लाइक धोनी की अंतिम अध्याय में एक उत्तम नेता के गुणों की चर्चा की गयी हैI मानव संसाधन को प्रबंध करना कोई धोनी से सीख सकता हैI

धोनी नेतृत्व तो करते हैं परन्तु किसी बॉस की तरह नहींI वह अपने साथी खिलाडियों को सोचने, समझने का मौका देते हैI नाजुक मोड़ पर कठिन फैसले लेना ही किसी नेता की असली परीक्षा होती है और धोनी ने कई बार खुद को एक काबिल लीडर के रूप में साबित किया हैI

किन्हें पढना चाहिए

अगर आप अपने अंदर नेतृत्व क्षमता का विकास करना चाहते हैं तो इस पुस्तक को जरुर पढ़ेI मैनेजमेंट की पढाई करने वाले छात्रों के लिए ये पुस्तक अनिवार्य कही जा सकती हैI

नेतृत्व क्षमता काफ़ी दुर्लभ मानी जाती है क्योकि इसकी सबसे बड़ी खासियत होती है की आपको भेड़ चाल से अलग चलना होता हैI

क्योंकि फैसला आपको करना होता है इसलिए फैसले की जिम्मेदारी भी आपको ही उठानी होती हैI फैसला के सही होने पर उसे मास्टर स्ट्रोक कहकर आपको शाबाशी दी जाती है और फैसला गलत होने पर उसकी सारी जिम्मेदारी आपको लेनी होती है और आलोचनाओं का जवाब भी देना होता हैI

किसी सामान्य व्यक्ति को क्रिकेट मैदान पर लिया गया फैसला सिर्फ एक तुक्का सा लगता है पर इस पुस्तक को पढ़ते हुए यह बात समझ में आती है फैसले करने वाले के मन में उस फैसले से जुड़े सारे नफ़े-नुकसान होते हैंI

वह फैसला एक विश्लेषण के बाद लिया जाता है और जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है, यह विश्लेषण और सटीक होता चला जाता हैI शायद इसलिए ही कहा गया है की अनुभव सबसे अच्छा शिक्षक हैI

धोनी की काबिलियत किसी से छिपी नहीं हैI उनके जीवन और संघर्ष की कहानी तो आपने देखी ही होगीI

जब आप किसी एक क्षेत्र के पेशेवर व्यक्ति से मिलते हैं तो पाते हैं की उनके अनुभव और उनकी उस क्षेत्र के बारे में जानकारी सिर्फ उसी क्षेत्र से जुड़े के लोगों पर लागू होतीं है

पर इस पुस्तक को पढने से समझ में आता है की नेतृत्व क्षमता की कुछ विशेषताएँ हैं जो सभी जगह सामान्य रहती हैI कठिन परिस्थितिओं में दिमाग को शांत रखना, मिलने वाली सफलताओं का सारा श्रेय टीम को देना और मुश्किल दौर में सबसे आगे खड़े रहना, ऐसी ही कुछ विशेषताएँ हैंI

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